लोकतंत्र में असली ताकत जनता के पास होनी चाहिए: पंकज सिंह

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त्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी नोएडा का प्रतिनिधित्व कर रहे  पंकज सिंह का नाम राजनीति में जाना-पहचाना है। चुनावी राजनीति में आने के पहले वे पार्टी संगठन की मजबूती के लिए काम करते रहे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा से राजनीतिक गुर सीखने वाले पंकज सिंह  मृदुभाषी होने के साथ ही सहज व सरल व्यक्तित्व के धनी हैं। नोएडा के विकास,राजनीति  और योगी सरकार के कामकाज पर पंकज सिंह  से यथावत के प्रमुख संवाददाता श्वेतांक पांडेय ने  विस्तार से बातचीत की है। प्रस्तुत है बातचीत के मुख्य अंश-

सवाल:क्या नोएडा में नगर निगम बनना चाहिए?

जवाब: लोकतंत्र में असली ताकत जनता के पास होनी चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि नोएडा में मूलभूत समस्याओं के निपटारे के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम का गठन उचित है। इसी के मद्देनजर तीन मंत्रियों का समूह गठित किया गया था। मंत्री समूह से भी मैंने इस विषय पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस विषय पर बात हो चुकी है। इस नई व्यवस्था को शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से सकारात्मक आश्वासन मिला है। हम चाहते हैं कि यहां की साफ-सफाई और बुनियादी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्वाचित नगर निगम हो ।

सवाल:जब आप नगर निगम की बात करते हैं तो उसका मतलब क्या निकाला जाए?

जवाब: कोई एक ऐसी व्यवस्था बने जिससे यहां की मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं की देखरेख की जा सके। अब ये कैसे बनेगा, किस स्वरूप में बनेगा यह तो सरकार देखेगी। लेकिन यहां की गलियों, कस्बों में घूमने के बाद मुझे लगता है कि किसी स्ट्रक्चर की जरूरत है। विकल्प नगर निगम है जो नागरिक सुविधाओं के लिए जिम्मेदार हो।

 

सवाल:हमेशा सवाल खड़े होते रहे हैं कि सरकार नोएडा से उपजे लाभ का दोहन तो करती हैं लेकिन विकास और व्यवस्था के बारे में फिक्रमंद नहीं होती?

जवाब:यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इतना क्षमतावान जिला और दिल्ली से लगे होने के बाद भी इसकी जब भी चर्चा हुई तो हमेशा नकारात्मक चीजों में ही इसका नाम सामने आया। अब धारणा बदल रही है। आज इसका नाम इलेक्ट्रॉनिक हब बनने के लिए आ रहा है। मेट्रो के विस्तारीकरण के लिए आता है। हम जो कदम उठा रहे हैं, उसका प्रभाव और परिणाम साफ-साफ दिख रहा है। बिजनेस समिट होती है तो नोएडा के लिए करोड़ों रुपये के इंवेस्टमेंट की बात सामने आती है।

“लोकतंत्र में असली ताकत जनता के पास होनी चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि नोएडा में मूलभूत समस्याओं के निपटारे के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए।”

सवाल:नोएडा में रिहायशी इलाके बढ़े हैं। फौरी तौर पर आप यहां के लोगों को राहत देने के लिए क्या नए बदलाव करने वाले हैं?

जवाब:यह बदलाव का समय है। अभी हमारी सरकार के एक साल पूरे हुए हैं। इतने कम समय में लोगों ने महसूस किया है कि जिस बदलाव के लिए हमने इस सरकार को चुना था, उस दिशा में कदम उठने लगे हैं। कुछ काम ऐसे हैं जिनको मूर्त रूप लेने में समय लग सकता है। हम साफ-सुथरा नोएडा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सवाल:नोएडा के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह के जरिए जो महाघोटाला सामने आया था वह भी क्या इसी कारण संभव हो सका कि यहां की व्यवस्था की प्रत्यक्ष देखरेख करने वाली कोई संस्था नहीं है?

जवाब:सरकारें साख से चलती हैं। पहले की राज्य सरकारों और वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार में यह एक बहुत बड़ा अंतर है। कोई भी व्यक्ति या दल नीतियों पर सवाल उठाने के लिए स्वतंत्र है और राजनीतिक पार्टी के रूप में ये उनका अधिकार भी है। लेकिन हमारी केंद्र और राज्य सरकारों की नीयत पर कोई भी सवाल नहीं उठा सकता। यही हमारी विशेषता है और यही हमारी उपलब्धि है। मैं समझता हूं कि देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने, गरीबी से मुक्त करने के लिए अपराध और आतंकवाद से मुक्त करने के लिए जिस दिशा में हमारी सरकारें कदम उठा रहीं हैं, वह हमारी साफ नीयत को दर्शाता है। भ्रष्टाचार कैसा भी हो, किसी  के भी द्वारा किया गया हो, माफी नहीं मिलेगी।

सवाल:नोएडा आने को लेकर पिछले मुख्यमंत्रीयों में एक भय था, क्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस भय या कुप्रथा को खत्म किया है ?

जवाब:(मुस्कुराते हुए)। यह दर्शाता है कि हमारे मुख्यमंत्री देश की सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखने, उसको बढ़ाने और उसका प्रचार करने के लिए जहां एक ओर संकल्पबद्ध हैं, वहीं प्रदेश के कोने-कोने को विकसित करने के लिए या उस से जुड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। ये बात बिल्कुल सही है कि बरसों से राजनेताओं के मन में जो अंधविश्वास बन गया था, उसको तोड़ने का काम मुख्यमंत्री ने किया है। देखते जाइए, ऐसे बहुत से काम योगी जी करते रहेंगें। अंधविश्वास के साथ जनता का भला आखिर कैसे किया जा सकता है? नेताओं के मन में आशंका थी कि यहां आने वाला मुख्यमंत्री नहीं बनता है। लेकिन जो यहां नहीं आया, वह भी नहीं बन पाया। यह बात भी तो देखनी चाहिए। योगी जी पहले मुख्यमंत्री हैं, जो सिर्फ एक बार नहीं, तीन-तीन बार नोएडा आ चुके हैं। मेरा दावा कि वह कई बार और बार-बार मुख्यमंत्री बनेंगे।

“हम जो कदम उठा रहे हैं, उसका प्रभाव और परिणाम साफ-साफ दिख रहा है। बिजनेस समिट होती है तो नोएडा के लिए करोड़ों रुपये के इंवेस्टमेंट की बात सामने आती है।”

सवाल:भाजपा शासन के एक साल को कैसे देखते हैं आप?

जवाब:योगी सरकार ने जिस दूरदर्शिता के साथ एक बजट पेश किया है, वह अभूतपूर्व है। इतना बड़ा बजट अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम है जो सरकार की सोच बताता है। विभिन्न व्यापारिक घरानों के साथ एक समिट हुई है, वह भी कहीं न कहीं एक ऐसा कदम बनकर उभरेगी जिसके दूरगामी परिणाम होंगे। समिट में जो करार हुए हैं, बड़ा बदलाव लेकर के सामने आएंगे। रही बात नौजवानों को मिलने वाली नौकरियों की या उनको बेरोजगारी से मुक्ति दिलाने की, इस दिशा में यह समिट बहुत बड़ा रास्ता खोलेगी। जो अपने तीर्थ स्थल हैं, उनके विकास के साथ ही पर्यटन का विकास होगा और पर्यटन के साथ रोजगार सीधा-सीधा जुड़ा हुआ है। किसानों के लिए हमारी क्या सोच है, कर्जमाफी इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण है। लोगों को यकीन नहीं था कि इस स्तर पर सरकार उनकी मदद करेगी और उनके कर्ज माफ किए जाएंगे। हमारी सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उस दिशा में जिस तरह से काम चल रहा है, मैं समझता हूं कि एक बहुत बड़ा बदलाव आने वाले समय में देखने को मिलेगा।

सवाल:कार्यकर्ता कहते हैं कि सरकार पर अफसरशाही हावी है। क्या कहेंगे?

जवाब:कार्यकर्ता बिल्कुल भी नाराज नहीं हैं। भाजपा का कार्यकर्ता बखूबी समझ रहा है कि जो खराब और भ्रष्ट व्यवस्था 14 साल थी, उसको दुरुस्त करने का काम हमारे मुख्यमंत्री ने शुरू किया है। उसी लक्ष्य के साथ पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता अपने मुख्यमंत्री के साथ लगा हुआ है।

सवाल:प्रदेश में एनकाउंटर की घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहा है कि एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया जा रहा है?

जवाब:विपक्ष कई बार अपने तरीके से बातों को बढ़ाता है या फैलाता है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार का और उसके मुखिया योगी आदित्यनाथ का सिर्फ और सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृढ़ रहनी चाहिए और यह संदेश साफ जाना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई भी नहीं है। प्रशासन को भी इस व्यवस्था को लागू करने के लिए पूरी छूट दी गई है जिसके परिणाम सबके सामने है।

आपकी सरकार की क्या यूएसपी है।

योगी सरकार की सबसे बड़ी यूएसपी उसकी विश्वसनीयता है। स्वयं मुख्यमंत्री के प्रति और भाजपा के प्रति लोगों में एक बेहद ही सकारात्मक भाव है। यह भाव इस विश्वास को मजबूत करता है कि उनके साथ कहीं कुछ भी गलत नहीं होगा और गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।  

कई नेताओं के मन में आशंका थी कि नोएडा आने वाला मुख्यमंत्री अपने पद को गंवा देता है। योगी पहले मुख्यमंत्री हैं जो तीन-तीन बार यहां आ चुके हैं। मेरा दावा है कि वह एक बार तो मुख्यमंत्री  बने ही हैं, वे बार-बार बनेंगे।

योगी सरकार की सबसे बड़ी यूएसपी उसकी विश्वसनीयता है। मुख्यमंत्री के प्रति लोगों में बेहद ही सकारात्मक भाव है। यह भाव इस विश्वास को मजबूत करता है कि कहीं कुछ भी गलत नहीं होगा।

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